शिव रात्रि,,,, शिव के सानिध्य की रात्रि।

जन्म-जन्मान्तर तथा ज्ञाता-ज्ञात पापों की निवृत्ति तथा कैंकर्यभाव की प्राप्ति हेतु करें शिवापराध क्षमापन स्तोत्र का पाठ , शिव रात्रि जागरण कर मनोयोग से करना, प्रारब्ध कर्म योग को काटता है,, क्षमा याचना के साथ भाव विभोर करती याचना, प्रकृति स्वरूप शिवा शक्ति का साथ अवश्य देगी। हर हर महादेव, नर्मदे हर

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Narmada mata ki beti

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