काल सर्प दोष

?इस दोष वाले जातक अक्सर शुरुआती जीवन में बहुत संघर्ष करते हैं, जिससे उनमें विपरीत परिस्थितियों से लड़ने की अद्भुत क्षमता आ जाती है। ?राहु और केतु 'अचानक' फल देने वाले ग्रह हैं। जब ये शुभ फल देने पर आते हैं, तो जातक को फर्श से अर्श तक पहुँचा देते हैं। ?ऐसे व्यक्ति जब किसी लक्ष्य को ठान लेते हैं, तो उसे हासिल करके ही दम लेते हैं। कई बड़े राजनेता, अभिनेता और उद्योगपतियों की कुंडली में यह योग पाया गया है। भारतीय संस्कृति और ज्योतिष दोनों में ही सांप (नाग) को पूजनीय माना गया है। कालसर्प दोष या राहु-केतु से जुड़ी बाधाओं के समाधान में 'नाग देव' के प्रति सम्मान और दया का भाव सबसे बड़ी "रेमेडी" यानी उपाय माना जाता है। जब आप किसी जीव को हानि नहीं पहुँचाते, विशेषकर उसे जिसे लोग भय की दृष्टि से देखते हैं, तो यह आपकी करुणा और मानसिक शक्ति को दर्शाता है। माना जाता है कि सांपों को नुकसान न पहुँचाने और उन्हें सम्मान देने से कुंडली के सर्प दोष और पितृ दोषों का प्रभाव कम होता है। राहु और केतु छाया ग्रह हैं जिनका प्रतीक सर्प है। जब आप प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सांपों के प्रति दया रखते हैं, तो इन ग्रहों की नकारात्मकता कम होती है और वे शुभ फल (जैसे अचानक धन लाभ और सफलता) देने लगते हैं। सात्विक जीवन और जीवों के प्रति प्रेम जातक के आत्मबल को बढ़ाता है, जो अंततः उसे उसके लक्ष्यों के करीब ले जाता है।

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ToshikaShree Jyotishacharya Vedic Astrology and Jyotish Specialist Unlock the secrets of your...

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